Jalore

#SAYLA डंडे का भय है बीमारी का नही

सायला
कस्बा समेत क्षैत्र कोरोना महामारी से लड रहा है आये दिन सरकार बचाव के लिए नई नई गाईडलाईन जारी कर जनता को जागरुक कर रही है। सरकार ने अनुशासन पखवाड़ा गाईडलाईन लागु की थी जनता के बाज नही आने पर रेड अलर्ट अनुशासन पखवाड़ा लागु किया लेकिन बीमारी ने थमने की जगह तांडव शुरु किया सरकार ने जनता से थक कर सम्पूर्ण लाकडाऊन 10अप्रेल से 2 मई तक लागु कर लिया लेकिन हम है कि मानने को तैयार ही नही है

सडको पर जब प्रशासनिक अधिकारी अथवा पुलिस के वाहनो के सायर्न की आवाज सुनते ही गलियों व घरो का रुख करते है थोडी ही देर मे पुनः सडको पर घुमते नजर आते है यही नही यहा तो बाजार मे व्यापारियों को भी बीमारी का तनिक भी भय नही है वे अल सवेरे ही अपनी अपनी दुकानो के आगे व आस पास आकर खडे हो जाते है ग्राहक के आते ही दुकान का सटर उचा कर ग्राहक को दुकान के अंदर कर लेता है सामन बांध ओने पोने दाम वसूल करने बाद पडौसी को फोन कर पुलिस की जानकारी लेकर उसे दुकान से बाहर निकाल दिया जाता है। जैसै ही पुलिस पर नजर पडती है व्यापारी व ग्राहक वहा से चलते बनते है।

लाकडाऊन के कारण बाजर बंद है फिर ये सामान लेकर लोग सडको पर कहा से चलते है। ओने पोने दामो से माल मिलने से अपने गरज निकल ने के कारण ग्राहक भी शिकायत नही करते है। यहा विडंम्बना तो इस बात की है

कि महामारी के दौर में भी लोग बीमारी से नही डर रहा है खुद के संक्रमित होने के साथ घर परिवार व आस पडोस के लोगो को इस ओर धकेल रहे है। बस डर है तो केवल पुलिस के डंडे का कही वाहन सीज तो नही करलें, कही कोरन्टेन न करले या कही पुलिस शक्ति बल पूर्वक डंडे न बरसा दे। ऐसे मे आये दिन कोरोना के आकडे बढ़ते ही जा रहे है बे परवाह लोगों को इसकी कोई परवाह नही हो तो सडको पर ही नजर आयेंगे।

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