Now WhatsApp has gained special importance in the month of Saavan
Jalore

लो अब वाट्सएप का सावन मास में इसलिए बढ़ गया खास महत्व

सोशल डिस्टेंस और कोरोना संकट के बीच धार्मिक आस्थ बरकरार

सायला. धार्मिक अनुष्ठान और श्रद्धा भक्ति का पर्व सावन मास शुरू हो चुका है, लेकिन इस बार हर साल की तुलना में स्थितियां अलग है और श्रद्धालुओं को भक्ति के तरीके भी नए रूप में इजाद करने पड़े हैं। वहीं गुरुवरों ने भी इन हालातों को समझते हुए भक्तों की श्रद्धा भक्ति को सोशल मीडिया के जरीये भी न केवल स्वीकार है, आशीर्वचन भी कहे। सही मायने में इस बार भक्ति का माध्यम वाट्सएप और सोशल मीडिया के अन्य माध्यम बने हैं।

इससे पहले सावन मास की शुरुआत के साथ गुरु पूर्णिमा पर भी शिष्यों ने

sarswati school sayla
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इन्हीं माध्यमों से श्रद्धा लाभ लिया। कई शिष्य जो अपने गुरुओं के दर्शन और पूजा करने अपने गुरु की शरण में नहीं पहुंच पाए, उन्होंने वाट्सऐप , फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि पर वीडियो कॉलिंग कर गुरुजनों की पादुका का पूजन किया और दर्शन किए। इसी प्रकार वालेरा के दुदेश्वर महादेव मठ के महंत पारसभारती महाराज ने वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने शिष्यों को आशीर्वाद दिया। वही गुरू पूर्णिमा पर उपखंड क्षेत्रभर मे कई शिष्यो ने गुरू दीक्षा ली। चौराऊ सरपंच अशोक राजपुरोहित ने अपने गुरु एवं गाजियाबाद दुधेश्वर महादेव मठ के मठाधीश नारायणगिरी महाराज से व्हाट्सएप के द्वारा आशीर्वाद लिया।

श्रद्धालुओं का मंदिरों में लगा रहा तांता

पावन पर्व पर क्षेत्र में कई जगह पर शिष्यों ने अपने गुरुओं का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर क्षेत्र के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं चहल पहल नजर आयी। शिष्यो ने गुरू के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वही स्थित मंदिर मे जाकर भगवान के दर्शन कर सुख शांति और खुशहाली की कामना की।

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