Jalore Politics

#JEEWANA में ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी की बैठक में हुआ हंगामा… देखिए पूरी खबर

  • कृषि कानून से पूंजीपतियों को लाभान्वित करने को योजना – सीरवी
  • ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जनसम्मेलन का हुआ आयोजन

सायला। केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून के विरोध में रविवार को ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी सायला द्वारा जीवाणा में आयोजित जनसम्मेलन में जमकर हंगामा हुआ।

सुत्रो के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले तो पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की आपसी गुटबाजी को लेकर ब्लाॅक अध्यक्ष अजीतसिंह देता को हटाने की मांग की। जबकि इसके बाद पूर्व युकां जिलाध्यक्ष शैलेन्द्रसिंह बावतरा और कांग्रेस कार्यकर्ता चोराउ सरपंच अशोकसिंह राजपुरोहित आपस में उलझ गए। बता दे कि शैलेन्द्रसिंह बावतरा ब्लाॅक कांग्रेस कमेटी सायला के वर्तमान अध्यक्ष अजीतसिंह देता के समर्थक है तथा उनके पद पर बने रहने का समर्थन कर रहे थे। जबकि अशोकसिंह राजपुरोहित पूर्व युकां प्रदेश महासचिव सुल्तान खान भाटी को ब्लाॅक अध्यक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे थे। जिस पर दोनो में नोकझोंक हो गई। वही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दोनो से समझाईश कर मामले को शांत करवाया।

जन सम्मेलन में राजस्थान प्रदेश सचिव व जिला प्रभारी भूराराम सीरवी, पूर्व उप मुख्य सचेतक एवं लोकसभा प्रत्याशी रतन देवासी, पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल, जालोर विधानसभा प्रत्याशी मंजू मेघवाल व ब्लॉक अध्यक्ष अजीतसिंह देता भी उपस्थित थे।

सम्मेलन में जिला प्रभारी भूराराम सीरवी ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस कानून से पूंजीपतियो को मालामाल करने कि योजना है। इसके बाद सरकारी मंडिया धीरे-धीरे बंद करके किसानों के अनाज, फल, सब्जियां के भाव अपने हिसाब से तय करके सामान खरीदेंगे। साथ में ब्लॉक कमेटी और जिला कमेटी के संबध में विस्तृत जानकारी दी। उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में सदैव तत्पर है। वही वर्तमान मे केंद्र सरकार द्वारा लागू किसान विरोधी तीन काले कानून से किसान सहमा हुआ है और इस कानून के विरोध में 160 किसान भाई शहीद हो गए है। पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू काले कानून से किसानों का अनाज बेचना भी किसानों के हाथ में नहीं रह पाएगा और किसानों की जमीन भी पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। विधानसभा प्रत्याशी मंजू मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता के कारण 155 किसान भाई शहीद हुए हैं। सम्मेलन में एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भरत मेघवाल, युवा जिलाध्यक्ष पन्नेसिंह पोषाणा, पूर्व युंका जिलाध्यक्ष शैलेंद्रसिंह बावतरा, सरपंच संघ अध्यक्ष भंवरसिंह थलूंडा, वरिष्ठ कांग्रेसी नत्थू खान, डाबली सरपंच हनुमानराम जाट, लस्सीराम माली, गोपाल देवासी, हबताराम मेघवाल, रामाराम चौधरी ने भी सम्बोधित किया। इस मौके किसान आंदोलन में शहीद किसानों को मौन धारणकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान पूर्व युकां प्रदेश महासचिव सुल्तान खान, सिराना सरपंच हमीराराम देवासी, तेजा की बेरी पूर्व सरपंच नबाब खान, पंचायत समिति सदस्य मंगलाराम, सूरजपालसिंह सुराणा, शैतानसिंह धनानी, मोतीसिंह निंबलाना, छैलसिंह मेड़तिया, युवा नेता जितेन्द्र प्रजापत ओटवाला, आलम खां, लालसिंह, मनोहरसिंह खारी, सुराराम वालेरा, ओबाराम देवासी, मोडसिंह पुरोहित, जेठूसिंह रेवतड़ा, ओटवाला सरपंच दीपाराम मेघवाल, भरत मेघवाल, बाबूलाल पुरोहित, लतीफ खां, ईश्वरसिंह वासन, भगवतकरणसिंह, मोहनलाल जाट, नरपत हरमू, डायाराम देता, बाबूलाल, मांगीलाल गर्ग, जगदीश सरगरा, भेराराम घांची, ईश्वर मेंगलवा, अयूब खां, फुसाराम खेतलावास, शैतानमल मेंगलवा, खसाराम सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।

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