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चुनावों को लेकर यह विशेष निर्देश जारी, जो साबित होंगे फायदेमंद

मतदान दिवस पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित

जालोर. जिला निर्वाचन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने आदेश जारी कर जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2020 के दौरान जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के लिए चार चरणों हो रहे चुनाव के लिए मतदान दिवसों पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) हिमांशु गुप्ता ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2020 के तहत जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनाव के घोषित कार्यक्रमानुसार प्रथम चरण के मतदान दिवस 23 नवम्बर (सोमवार), द्वितीय चरण के मतदान दिवस 27 नवम्बर (शुक्रवार), तृतीय चरण के मतदान दिवस 1 दिसम्बर (मंगलवार) एवं चतुर्थ चरण के मतदान दिवस 5 दिसम्बर (शनिवार) को संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया हैं। उन्होंने बताया कि पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा, उन मतदान क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया हैं।

मतदान दिवस पर संवेतनिक अवकाश देय होगा

पंचायतीराज संस्थाओं के तहत जिले में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चार चरणों में हो रहे आम चुनावों के लिए मतदान दिवस पर औद्योगिक एवं वाणिज्यक प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कामगारों को मतदान दिवस पर संवैतनिक अवकाश देय होगा। चार चरणों में मतदान की तिथि प्रथम चरण 23 नवम्बर (सोमवार), द्वितीय चरण 27 नवम्बर (शुक्रवार), तृतीय चरण 1 दिसम्बर (मंगलवार) व 5 दिसम्बर (शनिवार) निश्चित की गई है।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135 (ख) के अनुसार मतदान के दिन किसी कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम अथवा किसी अन्य स्थापन में नियोजित प्रत्येक व्यक्ति को जो किसी लोकसभा या विधानसभा में निर्वाचन के लिए मतदान करने का हकदार है उसे मतदान के दिन संवैतनिक अवकाश मंजूर किया जाएगा। प्रावधानों के अनुसार किसी कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम अथवा अन्य किसी स्थापन में नियोजित प्रत्येक व्यक्ति को, जो लोक सभा या किसी राज्य की विधानसभा के लिए निर्वाचन में मतदान करने का हकदार है, मतदान के दिन अवकाश मंजूर किया जाएगा।

अवकाश मंजूर किए जाने के कारण किसी ऐसे व्यक्ति की मजदूरी से कोई कटौती या कोई कमी नहीं की जाएगी और यदि ऐसा व्यक्ति इस आधार पर नियोजित किया जाता है कि उसे सामान्यतया ऐसे किसी दिन के लिए मजदूरी प्राप्त नहीं होगी तो इस बात के होते हुए भी उसके ऐसे दिन के लिए वह मजदूरी संदत्त की जाएगी, जो इस दिन उसे अवकाश मंजूर न किये जाने की दशा में दी गई होती है। यदि कोई नियोजक इसका उल्लघंन करेगा तो ऐसे नियोजक पर 500 रूपयों तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

 

 

 

 

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