These high-blooded people who are cooking wheat of the poor in Sayla
Jalore

#Sayla सायला में ये ऊंचे रसूखवाले जो चट कर रहे गरीबों का गेहूं

– प्रशासनिक लापरवाही या और कुछ समझ नहीं आ रहा, लेकिन यह जरुर है गरीब गरीबी में पिस रहा और अमीर मनचाहे तरीके से उठा रहा फायदा
जालोर. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे अभावग्रस्त परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 2 रुपए किलो के हिसाब से गेहूं उपलब्ध करवाने की स्कीम सरकार द्वारा चलाई जा रही है, लेकिन यह गेहूं गरीबों के घर तक नहीं बल्कि ऊंचे रसूख वाले अमीरों के यहां पहुंच रहे हैं। हम बात कर रहे हैं सायला उपखंड के एक ऐसे परिवार की, जो पूरी तरह से संपन्न है और परिवार का मुखिया ए-क्लास कांट्र्रक्टर भी है। लेकिन इस परिवार का नाम न केवल खाद्य सुरक्षा की सूची में दर्ज है, बल्कि काफी लंबे समय से यह परिवार गरीबों का गेहूं समेत अन्य सामान तक डकार रहे हैं। जबकि गरीबों के नाम सूचियों से काटे जा रहे हैं, जैसा कि हाल ही में बागरा क्षेत्र में देखने को मिला।
भाई राजनीति में स्वयं और पिता कांट्रेक्टर
यह मामला सायला निवासी शौकत खान का है। इसका राशन कार्ड का प्रकार एपीएल श्रेणी है। शौकत खां ए श्रेणी का ठेकेदार है। इसी तरह पिता सरदार खां भी बड़े ठेकेदार ही है। भाई सुल्तान खान कांगे्रस में युकां के पूर्व प्रदेश सचिव रह चुके हैं और वर्तमान में भी कांगे्रस में सक्रिय है। आरोप है कि राजनीतिक रसूख के बूते ही मनमर्जी से इस परिवार का नाम सूची में शामिल किया गया है। जबकि सायला जैसे छोटे क्षेत्र में गलत तरीके से दर्ज नाम या जो इस श्रेणी में शामिल नहीं होते हैं, उन्हें लाभान्वित करने की तमाम जानकारी अधिकारियों को नहीं हो यह बात समझ से परे ही है। इस परिवार ने मनमाफिक सरकारी लाभ इस कदर उठाएं है कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पूरी तरह से सवालों के घेरे में है। शौकत की पत्नी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रही है। लेकिन इसके बाद भी यहां के प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को यह गलती नहीं सूझ रही
जांच का विषय, जिम्मेदार पर हो कार्रवाई
यह चर्चित मामला चौंकाने वाला है और सरकारी ढिलाई को भी प्रदर्शित कर रहा है कि आखिर कैसे इतना संपन्न परिवार इस सूची में शामिल हो गया और इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। इस परिवार के नाम से अब तक गेहूं उठाए जा रहे हैं जो जांच का विषय है। सीधे तौर पर गरीबों का गेहूं डकारने के इस मामले में दोषी अधिकारियों, सर्वेयरों समेत जो भी प्रकरण में जिम्मेदार है। उन पर सीधे तौर पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि अनुचित लाभ लंबे समय से उठाया जा रहा है तो उसकी रिकवरी इस परिवार से पेनल्टी के साथ वसूल की जानी चाहिए।
शौकत के कार्ड में यह सभी शामिल है
खाद्य सुरक्षा में शामिल शौकत के राशन कार्ड परउनकी पत्नी अमीना बानू, शौकत खान पुत्र सरदार खां, आहना अली पुत्री शौकत खान, ईशिका पुत्री शौकत खान, अयान अली पुत्र शौकत खान, मेविश पुत्री शौकत खान और राहिल अली पुत्र शौकत खान कुल सात जने शामिल है।
क्यों नहीं की शिकायत
सूत्रों की मानें तो लंबे समय से इस परिवार का नाम इस सूची में शामिल है। शौकत स्वयं मान रहे हैं कि ओटीपी आते थे तो सवाल यह उठता है कि ओटीपी मिलने के बाद भी उन्होंने शिकायत दर्ज क्यों नहीं करवाई। साथ ही उन्हें इतने लंबे समय में यह जानकारी क्यों नहीं लग पाई कि उनका परिवार गलत तरीके से खाद्य सुरक्षा की श्रेणी में दर्ज है। सीधे तौर यह बात अहम है कि ओटीपी की व्यवस्था सरकार ने अभी की है, जबकि पहले तो व्यक्तिगत उपस्थिति होने के साथ पॉश से राशन वितरित किया जा रहा था। ऐसे में उनका यह तर्क भी गलत ही है। सही मायने में यह बड़े स्तर पर गड़बड़ी का मामला है। जहां एक तरफ गरीब और जरुरतमंद को राशन मुहैया नहीं होता और इसके लिए बार बार चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं इस तरह से इस केटेगरी में नहीं आने वाले इस तरह से सेंधमारी मारकर सरकार को चूना भी लगा रहे हैं।
गलती छुपाने की कोशिश करते रहे
प्रश्न: आप ए-क्लास कांट्रेक्टर है और आपका और आपके परिवार का नाम खाद्य सुरक्षा में है कैसे?
शौकत खान: मेरा और परिवार का नाम इस सूची में हैं इस बारे में जानकारी नहीं है।
प्रश्न: आपने अपने राशन कार्ड के बारे में जानकारी नहीं जुटाई कभी?
– मेरे मोबाइल पर ओटीपी आता था, लेकिन कभी गौर नहीं किया।
प्रश्न: आपका और आपके पूरे परिवार के सदस्यों के नाम इस सूची में शामिल है आपका क्या कहना है?
शौकत खान: मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।
प्रश्न: गलत तरीके से दर्ज अपने नाम को हटाने के लिए आपने कोई शिकायत या जानकारी नहीं ली?
शौकत खान: इस बारे में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, मामले के बारे में पता करता हूं।

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