Jalore threat increased, now 120 positive simultaneously
Jalore

खत्म नहीं हुआ बढ़ता जा रहा कोरोना

81 जनों की रिपोर्ट में 13 निकले पॉजिटिव, 1178 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

जालोर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को रविवार को प्रक्रियाधीन सेम्पल में से 81 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। जिसमें जिले में 13 जने कोरोना संक्रमित पाए गए। खास बात तो यह है कि इनमें से जालोर शहर के छह जने हैं। जालोर स्थित ऋषभनगर में 4, राजेंद्र नगर में 1 और जिला जेल में एक जना कोरोना संक्रमित पाया गया है।

सीएमएचओ डॉ गजेन्द्रसिंह के अनुसार इनके अलावा रविवार को पॉजिटिव आए लोगों में 2 रामसीन, 1 गुड़ा बालोतान व 4 बागरा पुलिस थाना के व्यक्ति शामिल हैं। इसके साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 1178 तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि जिले में अनलॉक-3 की शुरुआत के साथ ही प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है, लेकिन इसमें दी गई छूट को हल्के में लेने के बजाय और सावधानी बरतने की जरूरत है। अभी भी शहर के सार्वजनिक स्थलों व दुकानों पर लोग कोरोना गाइडलाइन की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। ऐसे में शहर में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

यह है हालात

अब तक 56 हजार 167 सेंपल लिए गए हैं। इनमें से 53 हजार 98 की रिपोर्ट नेगेटिव निकली है। वर्तमान में जिले में 105 कोरोना एक्टिव केस हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग की 528 टीमों ने रविवार को जिले में 8 हजार 863 घरों का सर्वे कर 22 हजार 488 लोगों की स्क्रीनिंग की।

कलक्टर ने दी हिदायत

जालोर. कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने कोरोना सेंपलिंग को लेकर चिकित्साकर्मियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। जिसमें स्पष्ट किया है कि यदि सर्वे दल द्वारा सेंपलिंग के लिए चिह्नित संदिग्ध व्यक्ति या किसी पॉजिटिव के निकटतम संपर्क में रहने वाले व्यक्ति से संपर्क करने के बाद भी टेस्ट कराने से मना किया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध राजस्थान महामारी एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। ऐसे व्यक्ति को होम क्वॉरंटीन के स्थान पर अनिवार्य रूप से स्टेट क्वॉरंटीन किया जाएगा।

कलक्टर ने सरकारी एडवाइजरी के अनुसार जिले के समस्त औद्योगिक श्रमिक इकाइयों, संस्थानों के संचालकों व मालिकों, वाहन चालकों, बैंक, पोस्टऑफिस, कोरियर व टेलीकॉम सेवा से जुड़े कार्मिकों, दुकानदारों, ठेला चालकों, फुटपाथ विक्रेताओं, दूध डेयरी, सब्जी विक्रेता, केमिस्ट्स व चाट समेत खाने पीने की वस्तुएं बेचने वालों से स्वयं व अपने अधीनस्थ कार्यरत कार्मिकों-श्रमिकों की पाक्षिक कोरोना जांच आवश्यक रूप से करवाने को कहा है।

इस संबंध में जांच आदि में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लेकर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। इसमें वाणिज्यिक संस्थानों को सीज करने या जुर्माना की कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने दीर्घावधिक बीमारियों मधुमेह, उच्च रक्तचाप, केंसर, श्वसन रोग, गुर्दा, हृदय रोग, एचआईवी व अन्य गंभीर बीमारी से पीडि़त रोगियों की कोरोना जांच की आवश्यकता जताई है।

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