Gang of poachers in Chitalwana region, caught like this
crime

#JALORE चितलवाना क्षेत्र में शिकारियों का गिरोह, इस तरह पकड़ा गया

जालोर. कोरोना के खतरे के बीच वन्य जीवों पर खतरा मंडराने लगा है। जहां प्रशासनिक अमला लॉक डाउन की पालना करवाने में व्यस्त है। वहीं इन सभी हालातों के बीच शिकारी गिरोह सक्रिय हो चुका है। ऐसा ही मामला चितलवाना क्षेत्र में ग्रामीणों की सतर्कता में पकड़ा गया है। यहां कलजी की बेरी गांव में एक खेत की सरहद में शिकार करने की संभावना पर ग्रामीणों ने सात जनों को दबोचा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके से आरोपियों के कब्जे से ८ कुल्हाड़ी और लाठियां बरामद कीं। साथ ही आस पास के क्षेत्र में खून के निशान भी नजर आ रहे थे। जानकारी के अनुसार शनिवार को ग्रामीणों को हिरण के चीखने की आवाज सुनाई दी तो वे उस और भागे। लोगों को देखकर समूह में कुछ लोग भागते हुए नजरआए। ग्रामीणों ने पीछा कर उनमें से 7 को पकड़ कर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों ने बताया कि ये शिकारी गिरोह है और इन्होंने हिरण का शिकार किया। मौके से खून के करते और हिरण के कुछ बाल भी बरामद हुए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पड़ताल में 12 कुल्हाडिय़ां और जाल बरामद किए गए।
टीम ने की जांच शुरू
सूचना के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मौके से रक्त के नमूने लिए। साथ ही छगनलाल, मोहननाथ पुत्र बाधरनाथ, भूपतनाथ पुत्र रामजीनाथ, प्रकाशनाथ पुत्र भंवरनाथ, खेतनाथ पुत्र शंभूनाथ, सोहननाथ पुत्र काननाथ और भुटानाथ पुत्र सूरतनाथ को पकड़ा गया।

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