What did the video conferencing say and Jati's in-charge minister Bhati ... know
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वीडियो कान्फ्रेंसिंग में क्या कुछ कहा और जाना जालोर के प्रभारी मंत्री भाटी ने…जानिये

वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग में क्या कुछ कहा और जाना जालोर के प्रभारी मंत्री भाटी ने…जानिये
प्रभारी मंत्री ने जालोर जिले की व्यवस्थाओं की सराहना की,
जालोर. जिले के प्रभारी मंत्री भंवर सिंह भाटी ने शनिवार को जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता, पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष एवं अन्य जिलाधिकारियों से वीडियो काफ्रेंसिंग कर जालोर जिले में कोरोना संक्रमण बचाव प्रबन्धन, निगरानी एवं कानून व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति प्रबन्धन, महात्मा गांधी नरेगा योजना प्रबन्धन, कृषि उपज समर्थन मूल्य खरीद, टिड्डी दल नियंत्रण आदि मुद्दों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
प्रवासियों पर खास नजर रखें
प्रभारी मंत्रीभाटी ने जिला कलक्टर से कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव और काफी संख्या में बाहर से आये प्रवासियों की समुचित निगरानी, उन्हें चिकित्सा, खाद्य, पेयजल आदि सुविधाओं एवं रखरखाव तथा होम क्वारेंटाईन एवं संस्थागत क्वारेंटाईन किये गये व्यक्तियों को सभी आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायें। जिले में कोरोना संक्रमण के प्रभाव को यथा संभव रोकने के प्रयास करें। कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्रों में माकूल व्यवस्थाएं बनाये रखने पर जोर दिया।
मनरेगा में अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार दें
उन्होंने कहा कि इस समय ग्रामीण श्रमिकों को जितनी अधिक संख्या में मनरेगा में काम दिया जाएगा उतनी ही अधिक गरीब ग्रामीण श्रमिकों को राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोविड-19 की परिस्थितियों को लेकर अधिक सजग सतर्क हैं इसलिए उनकी मंशानुसार जिले में कोरोना संक्रमण बचाव प्रबन्धन को और प्रभावी बनायें साथ ही मनरेगा में श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार देकर उन्हें राहत देने के समुचित प्रबन्ध करें। उन्होंने मनरेगा श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर समुचित छाया, पेयजल एवं प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए।
पेयजल आपूर्ति को लेकर निर्देश
प्रभारी मंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियन्ता एवं अधिशाषी अभियंताओं से गर्मी में पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने तथा ट्यूबवैल एवं हैंडपम्पों की मरम्मत तत्काल करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति प्रबन्धन के संबंध में तैयार की गई कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर कहा कि पहले गर्मी ही बहुत है दूसरे बाहर से भारी संख्या में आए प्रवासियों के लिए पेयजल प्रबन्ध करना चुनौती पूर्ण कार्य है। इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थायें की जानी चाहिए। जिससे उन्हें तकलीफ नहीं हो।
प्रभारी सचिव ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
जिले के प्रभारी सचिव आशुतोष ने भी अधिकारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जिले में कोविड-19 की जांच के लिए आरएनआई. किट की सहायता उपलब्ध कराने के प्रति सहयोग करने के प्रति आश्वस्त किया। प्रभारी सचिव ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण, पेयजल आपूर्ति प्रबन्धन आदि की दृष्टि से जालोर जिला हाई रिस्क जोन में नहीं आने पाये, इसको ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थायें पुख्ता रूप से करने की महती जरूरत है।
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण की दृष्टि से जिले में 8 व्यक्ति पॉजिटिव चिंह्नित हो चुके हैं। इस दृष्टि से संबंधित क्षेत्रों में कफ्र्यू लगाया जाकर व्यवस्थाओं को माकूल बनाये रखने के प्रयास किये जा रहे हैं।
अब तक 29 हजार आए
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 29 हजार 450 प्रवासी शुक्रवार तक आ चुके हैं। उनके लिये मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रबन्ध किए गए हैं। होम क्वारेंटाईन एवं संस्थागत क्वारेंटाईन व्यक्तियों को समुचित चिकित्सा जांच सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं और संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्थाओं को और अधिक संवेदनशील बनाया गया है।
90 हजार का लक्ष्य जिला कलक्टर ने बताया कि इन विकट परिस्थितियों में मनरेगा श्रमिकों को संबल प्रदान कर रही है। इसमें जिले में 90 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसे शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मनरेगा में जालोर जिला रोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टि से राजस्थान के 33 जिलों में से सातवें तथा ग्राम पंचायत स्तर पर तीसरे स्थान पर है। जिला कलक्टर ने पेयजल आपूर्ति प्रबन्धन की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 650 लाख रूपये का कन्टेन्जेन्सी प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत पेयजल आपूर्ति के पर्याप्त प्रबन्ध किये जायेंगे। चितलवाना में टेंकर्स से पेयजल परिवहन चालू कर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर ग्रामसेवक, पटवारी आदि कार्मिकों की निगरानी टीम गठित की गई है और उपखंड अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। पेयजल परिवहन के टेण्डर हो चुके हैं। ट्यूबवैल की मोटरों की मरम्मत और खराब हैंडपम्पों की मरम्मत का कार्य भी संवेदनशीलता से किया जाएगा।

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