– दिनभर मशक्कत करती रही टीम
जालोर. सांचौर के नेहड़ क्षेत्र में लोगों में दहशत का कारण बना पैंथर को पकडऩे के लिए विभागीय टीम ने काफी मशक्कत की, लेकिन उसे पकडऩे में सफलता नहीं मिल पाई है। शनिवार शाम की बात करें तो यह बाड़मेर सीमा से सटते सिवाड़ा के आस पास के क्षेत्र तक पहुंच चुका था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वह इस क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा।
इससे पहले शनिवार सवेरे पैंथर के पगमार्ग सांगड़वा में देखे गए थे। जिस पर टीमें पैंथर को पकडऩे में जुट गई। दिनभर की मशक्कत के बाद भी टीम को सफलता नहीं मिली पैंथर द्वारा ग्रामीणों को घायल करने के घटनाक्रम के बीच ही जोधपुर से रेस्क्यू टीम पहुंच गई थी। इस टीम के साथ जिले की वन विभाग की टीमें भी जुटी हुई है। वन विभाग की जोधपुर की टीम ट्रेंकुलाइजर गन की सहायता से उस पर बेहोशी का डोज लेने के साथ उसे पकडऩे के लिए जुटी हुई है।
इसलिए पहुंचते हैं यहां पैंथर
नर्मदा परियोजना से पानी मिलने के साथ अब हरा भरा हो गया है। इन स्थितियों में नर्मदा के मुहाने के आस पास से होते हुए पैंथर नेहड़ क्षेत्र के गांवों तक पहुंचता है। पहले भी वर्ष 2015 की बात करें तो सुरावा और लाछीवाड़ में पैंथर ने प्रवेश कर ग्रामीणों को घायल किया था। जोधपुर की टीम पहुंचने के बाद उसे पकड़ा गया था। वहीं 15 फरवरी 2018 को भी नेहड़ क्षेत्र में पैंथर ने कई लोगों को घायल किया था।




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