उग्र भीड़ के खिलाफ कार्रवाई होगी
सायला. पांथेड़ी प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। घटनाक्रम के बाद विरोध प्रदर्शन और तोडफ़ोड़ के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज करने के साथ अब इनकी गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिएा हैं।
पुलिस ने पांथेड़ी निवासी वरदसिंह पुत्र भोपालसिंह, हमीराराम पुत्र कुयाराम देवासी, जबरसिंह पुत्र भूरसिंह राजपूत, नवाराम पुत्र गेबाराम देवासी, भभूतसिंह पुत्र नारसिंह, बाबूराम पुत्र पूनमाजी प्रजापत, लाभूराम पुत्र जीवाराजी देवासी, शबीर खान पुत्र हकीम खान, मंगलाराम पुत्र ठाकराराम देवासी, आदर्श पुत्र हीराराम देवासी, जोराराम पुत्र जेसाराम, जोराराम पुत्र वसनाराम देवासी, मंगलाराम पुत्र गोकलाजी देवासी, दौलाराम पुत्र रतन देवासी, सालूराम पुत्र खेताराम, नरपत देवासी व निर्मल देवासी के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारक अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम, राजस्थान राज्य राजमार्ग अधिनियम, महामारी अधिनियम और राजस्थान एपिडेमिक डिजिज एक्ट समेत कई धाराओं में प्रकरण दर्ज करवाया गया है।
पुलिस द्वारा ही दर्ज करवाया गया है मामला
पुलिस की ओर से दर्ज किए गए प्रकरण में बताया गया है कि पांथेड़ी प्रकरण को लेकर करीब 700 से 800 से अधिक लोग सायला में एकत्र होने की सूचना मिली। जिस पर थाना प्रभारी सवाईसिंह समेत पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा। लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया और पत्थरबाजी भी की।
इस दौरान पुलिस कांस्टेबल नटवरलाल के सिर पर पत्थर से चोट लगी। आरोप है कि उक्त भीड़ का नेतृत्व वरदसिंह कर रहा था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम से समझाइश का दौर जारी रहा, लेकिन भीड़ ने सरकारी गाड़ी का कांच भी तोड़ दिया। इधर, हालात बिगडऩे के बाद अतिरिक्त जाब्ता मौेके पर पहुंचा और अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजन शव लेने को राजी हुए।





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