crime Jalore RAJASTHAN

# मेगलवा — न्याय मिलने में लगे 25 वर्ष

सायला।
सायला पुलिस थाना में जोगीराम पुत्र जगताजी जाति चौधरी निवासी भूण्ड़वा ने सन् 1996 में एक रिपोर्ट देकर बताया कि मेरे साथ धक्का मुक्की कर डरा धमका कर ठाकुरदत खत्री व उसका भाई मोहन लाल मेरे घर से पॉच भैसें एक गाय मय बछड़ा व सोने चॉदी के जेवर व पानी निकालने की मशीन लेकर चले गये ।

पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर ठाकुरदत खत्री व उसके भाई मोहन लाल को गिरफ्तार कर लिया। और तमाम माल मवेशी ठाकुरदत के कब्जे से धोखे से बरामद कर सायला पुलिस वाले ले गये।उस समय राजस्थान मे बीजेपी की सरकार थी। ठाकुरदत खत्री ने इसकी शिकायत बीजेपी के गृह मंत्री कैलाश मेघवाल को की।

गृह मंत्री कैलाश मेघवाल ने एडीशनल एसपी जालोर को जॉच कें आदेश दिये। जब सत्यता उजागर हुई तो सायला पुलिस ने जोगी राम को अपनी जाति के प्रभावशाली व्यक्ति के साथ मिलकर जॉच अधिकारी से फाईल अन्यत्र भिजवाने की सलाह दी।

प्रभावशाली व्यक्ति ने जॉच बीच में ही रूकवा दी। और फाईल सतर्कता विभाग ने फाईल अपने पास मंगवा ली यानि कि ईमानदार जॉच अधिकारी के हाथ से फाईल निकल गयी। और पॉच साल तक फाईल जयपुर कोल्ड बस्ते में पडी रही।

पॉच साल के पश्चात फाईल पुनः जालोर एडीस्नल एसपी. हिम्मत सिंह राजपुरोहित के पास आई तब तक पुरा का पुरा पुलिस प्रशासन बदल चुका था। एडीसनल एसपी. ने एक ही झूठे गवाह के ब्यान लेकर पुलिस थाना सायला को चालान पेश करने की हिदालत दी।

मुंशीफ कोर्ट मे चालान पेश किया। 5 वर्ष ट्रायल चली -अन्त में मुंशीफ न्यायालय ने -ठाकुर दत व मोहन लाल बरी किया। परन्तु जो सम्पति माल मवेशी ठाकुर दत के कब्जे से बरामद की थी उसका निस्तारण नही किया।

उसके लिए ठाकुर दत ने सैशन न्यायालय मे अपील कर निवेदन किया उक्त तमाम माल मवेशी प्रार्थी ठाकुर दत की है। माननीय सैशन न्यायालय ने पुनः फाईल अधिनस्थ अदालत को रिमाण्ड कर निर्देश दिये कि दोनों पक्षों को सुने।

वास्तविक हकदार को सम्पत्ति देने का आदेश करे। ठाकुर दत ने फिर दूसरी बार गवाहो के बयान करवाये। परन्तु इस बार की अधिनस्थ न्यायालय ने फैसला जोगीराम के पक्ष में ही किया।

ठाकुर दत्त ने पुनः अपील जिला सैशन न्यायालय में पेश की। जिला सैशन न्यायाधीश ने अपील पर पूर्ण गौर फरमा कर फैसला न्याय हित मे – ठाकुर दत्त के पक्ष में किया।

आदेश में तमाम माल मवेशी बाद अपील मियाद गुजरने से ठाकुर दत्त को लौटाई जाने के आदेश पारित किया। सन् 1997 को जोगीराम ने अपने साथियों से मिलकर ठाकुर दत्त पर जानलेवा हमला कर दिया था।

उसमे जोगीराम व उसके साथियों को जिला सैशन न्यायालय द्वारा पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा हो रखी हैं व अभी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं। फाईल अभी जोधपुर हाईकोर्ट में ड्यू कोर्स में हैं।

shrawan singh
Contact No: 9950980481

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