पुलिस द्वारा जब्त वाहनों का वर्षो तक नही होता निस्तारण
सायला।
पुलिस विभाग की ओर से जब्त किमती वाहन दिनो दिन कबाड बनते जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग प्रकरण में सैकडो की तादाद में वाहनों को पुलिस थानों में जब्त कर खडे किये जाते हैं ऐसा ही कुछ सायला थाना में देखने का मिल रहा हैं।
यदि आपने राजस्थान आगाज के एप्प को डाउनलोड नही किया है तो आज ही नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर डाउनलोड करे:— https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rajasthan.aagaz.news
यहां पर अफीम, शराब, डोडा तस्करी के साथ टेक्स चोरी, एमवी एक्ट, एक्सीडेन्ट सहीत कई अपराधों वाहनों को जब्त कर दुपहीयां व चारपहीयां वाहनों का थाना परिसर में खडा किया गया हैं लेकिन लम्बा समय गुजरने के बाद भी कोई निस्तारण नहीं होने से वाहन कबाड बनते जा रहे हैं।
राजस्व की हानी-
किमती वाहनो की जब्त करने के बाद लम्बे समय तक पुलिस थाने में कडी धुप वर्षा अथवा सर्दी के मौसम में खुले आसमान तले पडे रहने से जंग लगने से वाहनो की किमत नगण्य हो जाती हैं। ऐसे मे यदि समय पर निस्तारण होता तो सरकार को काफी राजस्व अर्जीत हो सकता हैं। लेकिन ऐसा नही होने के कारण लम्बे अंतराल बाद निलामी के माध्यम से न के बराबर राजस्व अर्जीत हो रहा हैं।
थाना परिसर में भीड़-
विविध अपराधों में वाहनो को जब्त कराने के बाद लम्बे समय तक निस्तारण नही होने तथा आये दिन नये मामलो में वाहनो की जब्ती के कारण पुलिस थाना परिसर में भीड़ होने लगती हैं। सायला थाना में करीब सौ से अधिक मोटर साईकिल तथा सौ के करीब अन्य चार पहीयों वाले वाहन पडे पडे जंग लग रहे हैं।
इनका कहना-
सरकारी नियमो में बंधे होने से हम कुछ नहीं कर सकते न्यायालय के आदेशों के बाद हीं ऐसे वाहनो का निस्तारण होता हैं। समय पर निस्तारण से सरकार की आमदानी बढ़ती हैं ये बात सही हैं। ध्रुवप्रसाद, सीआई पुलिस थाना सायला।




Comments are closed.