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अनार की हुई बंपर पैदावार, मंडी के अभाव मे सस्ते में बेच रहे किसान

ट्रैक्टर टॉलियां भरकर बाजारों में बेचना बनी मजबूरी

श्रवणसिंह बावतरा

सायला-क्षेत्र में हो रही अनार की बंपर पैदावार के बावजूद उसका उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों को ओने -पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है। सायला उपखंड क्षेत्र में लगभग 3200 हैक्टेयर की खेती के तहत अनार लिया जा रहा हैं उसके बाद से लगातार अब तक इन से ज्यादा खेती की जा रही है। जिससे इस सीजन में क्षेत्र में करीब हजारों टन अनार की सबसे बेहतरीन क्वालिटी में गिना जाने वाला सिंदूरी अनार हुआ हैं। जीवाणा उपतहसील क्षेत्र जीवाणा, दुदवा, दहिवा, आलवाड़ा, भुंडवा, तालियाना, खेतलावास, जालमपुरा, सांगाणा, लूम्बा की ढाणी, तेजा की बेरी, सिराणा, बावतरा में बूंद-बूंद सिंचाई तकनीक से अनार की खेती हो रही हैं जो किसानों की आमदनी का मजबूत जरिया बनती जा रही हैं। इससे किसानों की खेती में रूचि बढ़ने से अनार की खेती से होने वाली आमदनी ने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी हैं। जिस कारण धीरे-धीरे उद्यानिकी खेती का रकबा भी बढ़ा है, लेकिन अनार फलों की बिक्री का उचित स्थान नही होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है ऐसे में किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों में ही बिक्री पड़ती है। जिले के सायला उपखण्ड से जीवाणा उपतहसील क्षेत्र में तैयार होता हैं।

अन्य राज्य के व्यापारी खरीदते है अनार

स्थानीय मंडी नहीं होने से क्षेत्र में जोधपुर जयपुर के अलावा दिल्ली, उत्तरप्रदेश, कोलकत्ता, अहमदाबाद नासिक के व्यापारी यहां अनार खरीदने आते हैं। सबसे बड़ी मुसीबत को काश्तकारों के सामने मंडी की रहती है अनार की अच्छी पैदावार होने से हर किसी को अच्छी की आस रहती है, लेकिन मंडी के अभाव में किसानों को सस्ते में ही अनार की बिक्री करनी पड़ती है। किसानों को बाहर के व्यापारियों की ओर से तय किए गए दाम पर अनार बेचना पड़ रहा हैं।

प्रति पौधे से 25 से 30 किलो मिलता है अनार

जीवाणा उप तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में करीबन 1000हैक्टेयर में लगे अनार की साल की तीसरी चौथी बार पैदावार पककर तैयार हो गई हैं। अनार के एक पौधे से साल भर में पच्चीस से तीस किलो प्रति पौधे पैदावार होती हैं। एक हैक्टेयर में कुल 25 से 30 टन तक अनार तैयार होता है।

इनका कहना है
क्षेत्र में अनार की पैदावार अच्छी है, लेकिन मार्केटिंग के अभाव में किसानों को सस्ते दाम पर अनार बेचना पड़ रहा हैं। सरकार की ओर से मार्केटिंग को लेकर व्यवस्था की जाएगी तो किसानों को अच्छा मुनाफा मिलने के साथ क्षेत्र के अन्य किसानों का भी इस ओर रुझान बढ़ने के साथ ज्यादा क्षेत्र में अनार की खेती हो सकेगी। जगदीश सिंह बावतरा

क्षेत्र में कृषि मंडी में अनार बेचने की सुविधा नहीं है, मंडी के अभाव में किसानों को न्यूनतम भाव पर अनार बेचना पड़ता है। कान्तिलाल राजपुरोहित

क्षेत्र में अनार की अच्छी पैदावार होने से हर किसी को अच्छी की आस रहती है, लेकिन मंडी के अभाव में किसानों को सस्ते में ही अनार बैचनी पड़ती है – अजबाराम किसान दुदवा

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