सायला। थानाक्षेत्र के ग्राम आसाणा में सायला निवासी एक प्रवासी की करोड़ों की कृषि भूमि को जाली दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी कर हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने न केवल फर्जी रजिस्ट्री तैयार की, बल्कि राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत से जमीन का नामान्तरण भी अपने नाम करवा लिया। सायला पुलिस ने इस संबंध में 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज किया है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार प्रार्थी विनोद कुमार जैन पुत्र नरेंद्र कुमार जैन निवासी सायला हाल हैदराबाद ने बताया कि उसकी ग्राम आसाणा तहसील सायला में खसरा नंबर 15 रकबा 0.70 हैक्टयर की कृषि भूमि आई हुई है। जिसे उसने जरिये बेचाननामा दिनांक 14 अक्टूबर 2022 को खातेदार जुठसिंह पुत्र भुरसिंह राजपूत निवासी चौराउ को सम्पूर्ण प्रतिफल अदा कर खरीद किया था तथा नामान्तकरण संख्या 1691 दिनांक 05 नवम्बर 2022 के जरिये राजस्व रिकॉर्ड में विनोद कुमार का नाम बतौर खातेदार दर्ज किया गया। लेकिन 01 अप्रेल 2026 को आरोपी जबरसिंह, जगमालसिंह, रणजीतसिंह, भानसिंह, दरगसिंह और दलपतसिंह पुत्रगण वगतसिंह जाति राजपूत निवासी चौराउ ने विनोद कुमार की भूमि को हडपने की नियत से प्रार्थी के नाम, हस्ताक्षर और फोटो का दुरुपयोग कर एक फर्जी बेचाननामा तैयार किया। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए प्रार्थी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर उप-पंजीयक कार्यालय में पेश किया गया, ताकि ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई जा सके। प्रार्थी विनोद कुमार को जब इस धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित किया। रिपोर्ट में बताया कि आरोपियों ने स्थानीय स्तर पर राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलावट कर फर्जी बेचाननामा रजिस्टर होने से पहले ही प्रार्थी की खातेदारी भूमि की फर्जी रजिस्ट्री तैयार करने की दिनांक 01 अप्रेल 2026 के अगले ही दिन 02 अप्रेल 2026 को जरिये नामान्तकरण संख्या 2016 के जबरसिंह, जगमालसिंह, रणजीतसिंह, भानसिंह, दरगसिंह और दलपतसिंह पुत्रगण वगतसिंह का नाम राजस्व रेकर्ड मे इन्द्राज किया गया। प्रार्थी विनोद कुमार जैन ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी अपनी ज़मीन किसी को नहीं बेची और न ही किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने मांग की है कि इस संगठित अपराध में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। राजस्व विभाग के उन कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो जिनकी मिलीभगत से यह खेल रचा गया। साथ ही प्रार्थी की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि भू-माफियाओं के हौसले पस्त हों। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
भाई के साथ भी हो चुकी है ऐसी ही वारदात
विनोद जैन ने बताया कि उनके भाई जसवंत कुमार के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी हुई थी, जिसका मामला बिशनगढ़ थाने में पहले से दर्ज है और वर्तमान में उसकी जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर चल रही है। प्रार्थी ने बताया कि कुछ लोग गिरोह बनाकर कूटरचित दस्तोवजों के जरिये आमजन की कीमती जमीनों को हडपने का कार्य कर रहे है। जिनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जानी न्यायोचित है ताकि आमजन को भी इस प्रकार के षडयंत्र से बचाया जा सकें।
इनका कहना हैं –
फर्जी रजिस्ट्री करवाने की जानकारी मिलने पर पुलिस थाने में रिपोर्ट पेश की है। – लक्ष्मी चौधरी, तहसीलदार सायला।
कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी रजिस्ट्री करवाने पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। मामले में जांच की जा रही है। – महिपालसिंह, थानाधिकारी सायला।




