#BHINMAL In this famous case, one was imprisoned ... know the whole matter
crime Jalore

#BHINMAL इस चर्चित मामले में को एक को हुआ कारावास…जानिये पूरा मामला

शंकरलाल माली हत्याकांड, सांवरड़ा गांव के पास खार में हत्या कर गाड़ा था शव

भीनमाल. अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष कुमार वैष्णव ने आठ साल पुराने बहुचर्चित शंकरलाल माली हत्याकाण्ड के मामले में सुनवाई करते हुए गुरूवार को एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि संदेह का लाभ देते हुए चार आरोपियों को दोषमुक्त किया। न्यायालय ने हत्या व साक्ष्य मिटाने के आरोप में आरोपी कुशलापुरा निवासी दीपाराम पुत्र भारताराम मेघवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इसके अलावा आरोपी दीपाराम को भादंस 302, 304, 392 व 201 में 10-10 (कुल 40) हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया। अदम अदागमी 5-5 (कुल 20) माह का कठोर कारावास भुगतना होगा। जबकि राऊता हाल-भीनमाल निवासी छगनदास पुत्र गंगाराम वैष्णव, कुशलापुरा निवासी नरपतसिंह पुत्र अजबसिंह, बाड़मेर के कल्याणपुर निवासी वगताराम पुत्र भीमाराम चौधरी व प्रतापगढ़ जिले के मगरोड निवासी शेरिन पुत्र क्यूम खां को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। मामले में दो आरोपी जेल में थे।

जबकि दो आरोपी पूर्व में जमानत पर थे।यह था मामलाभीनमाल पुलिस थाने में 27 जुलाई 2012 को प्रार्थी शहर के भादरड़ा रोड निवासी भलाराम पुत्र प्रतापाराम माली ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसका भाई शंकरलाल माली वाहन चलाता था। वहीं 20 जुलाई २०१२ की शाम को करीब 7.30 बजे कुशलापुरा निवासी दीपाराम मेघवाल, घेवाराम मेघवाल, नरपतसिंह, छगनदास, एक नाबालिक ने योजना के तहत षड्यंत्र रचकर उसका अपहरण कर कहीं बंधक बना दिया है या हत्या कर दी है। पुलिस अनुसंधान में आरोपी दीपाराम मेघवाल की निशानदेही बाड़मेर के समदड़ी के पास सावरड़ा गांव के खार जमीन से मृतक शंकरलाल का शव बरामद किया था। मृतक की लूटी कार उदयपुर के हाइवे से बरामद की थी। पुलिस अनुसंधान में पाया कि आरोपियों ने योजना योजना बनाकर 20 जुलाई 2020 को मृतक शंकरलाल को किराया पर चलने का बताकर मृतक शंकरलाल को बाडमेर के सावरड़ा लेकर गए।

सांवरड़ा गांव के पास वाहन चलाते समय शंकरलाल के पीछे से रस्सी का फंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी और तथ्य चुपाने के उद्देश्य से शव को सावरड़ा के खार जमीन में गाड़ दिया। दरअसल, कि हत्या के विरोध में एक दिन भीनमाल शहर भी बंद रहा था।

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