– जालोर के निकट देचू गांव में पैंथर पहुंचने की सूचना के बाद हलचलें तेज
जालोर. देचू गांव में पैंथर पहुंचने की सूचना क्या मिली हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के हाथ पांव फूल गए और उसे पकडऩे को रणनीति बनाई गई और विभाग को भी इत्तला दी गई। आखिर विभाग की ओर से यहां पहाड़ी क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया और आखिर उसमें शिकार भी बांधा गया। यह जानकार आप चौंक जाएंगे कि शिकार के तौर पर इसमें कुत्ते को बांधा गया। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो पैंथर का चहेता शिकार कुत्ता और उसके विकल्प के तौर पर गधे का बच्चा होता है। अब विभाग इसे पकडऩे के लिए पूरी तैयार कर चुका है, लेकिन पिछले तीन दिन की मेहनत अभी कारगर साबित नहीं हुई है। मामले की सूचना विभागीय अधिकारियों को पांच दिन पूर्व मिली। जिसके बाद टीम ने यहां का दौरा किया और जानकारी जुटाने के साथ यहां पिंजरा लगाया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जालोर जिले में पैंथर की उपस्थिति नहीं है। संभावना यही है कि ऐसराणा क्षेत्र या जवाई के आस पास के क्षेत्र से माइग्रेट होकर यह पैंथर यहां पहुंचा है। विभागीय स्तर पर इसे पकडऩे के लिए प्रबंध किए गए हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
डर से घरों में दुबक जाते हैं
पैंथर के खतरे के कारण ग्रामीण अकेल इस क्षेत्र में विचरण करने से कतरा हैं। वहीं शाम ढलने के साथ तो घरों से बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब जालोर में पैंथर दिखा हो इससे पहले नेहड़ क्षेत्र में पैंथर दिख चुके हैं।




Comments are closed.