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17 साल बाद भी नहीं बना शहीद गजराज सिंह का स्मारक

(शाहपुरा संवाददाता-संतोष कुमार वर्मा)

अजीतगढ़- महार खुर्द के निवासी शहीद गजराज सिंह जो कि 17 साल पहले देश की सेवा करते हुए 24 मार्च 2003 को ऑपरेशन पराक्रम के दौरान शहीद हो गए थे ऑपरेशन के दौरान 11 आंतकवादी को ढेर किया जिनमें पांच पाकिस्तानी ऑफिसर और छ: आतंकवादी थे गजराज सिंह जब शहीद हुए थे जब उनके दो बच्ची थी जिनका नाम सोना कँवर जो कि 2 वर्ष की थी व बलवंत कँवर जो कि 1 वर्ष की थी है और एक पुत्र जो कि गर्व में था विरांगना प्रियंका व लाडाकाबास निवासी रिक्की शर्मा ने बताया कि शहीद स्मारक के लिए पंचायत समिति से 25 एयर जमीन दी गई है लेकिन अभी तक स्मारक नही बना विरांगना प्रियंका ने बताया कि बच्चे जब छोटे छोटे थे जब ही शहीद हो गए थे जब से मैने बच्चो को बहुत गरीब स्थिति से पाला है शहीद की छोटी बेटी बलवंत कँवर ने बताया कि स्मारक के लिए जब भी किसी नेता या अन्य को बोलते है तो वो दो दिन बाद ही भूल जाते है और जब वो शहीद हुए थे जब काफी नेता लोग आ के विस्वास दिलाते थे बताया कि ऐसी स्थिति में सरकार को शहीद परिवारों का साथ देना चाहिए बताया कि हम पेंसिल से ही घर खर्चा व स्कूल की किताबें कॉलेज फीस आदि पेंसिल से चलाते है क्यों कि परिवार में कोई कमाने वाला नही है भाई है जो कि अभी 10 वीं क्लास में पढाई कर रहा है वही सोना कँवर ने बताया कि विधायक सहाब को शहीद परिवारों को ध्यान में रखते हुए स्मारक बनवायें