सायला।
पुण्य-सम्राट राष्ट्रसंत जयन्तसेनसूरीश्वर महाराज के पट्टधर एवं योगिराज, संयमवय: स्थविर शान्तिविजय महाराज के सुशिष्यरत्न भाण्डवपुर तीर्थोद्धारक, सूरिमंत्र आराधक, आचार्यदेवेश जयरत्नसूरीश्वर महाराज का 63वाँ अवतरण दिवस सादगी और जप-तप के साथ अतिप्राचीन श्री भाण्डवपुर महातीर्थ में मनाया गया ।
इस अवसर पर साध्वी अरुणप्रभाश्रीजी, सम्यकप्रभाश्रीजी, शरदप्रभाश्रीजी, शीतलप्रभाश्रीजी, विनीतप्रभाश्रीजी आदि श्रमणि वृंद के आदेश से बालिकाओं ने सुंदर गहुँली का चित्रांकन किया, जो सबके आकर्षण का केंद्र रहा।कार्यदक्ष मुनिराज आनंदविजय महाराज ने सभी को सामूहिक गुरुवंदन करवाया तथा उदयपुर से इस अवसर पर विशेष तौर पर आये कुलदीप प्रियदर्शी ने अपनी कविता के माध्यम से गुरु चरणो में वंदना करते हुए अवतरण दिवस की बधाई अर्पित की।
आसपास के निकटवर्ती ग्राम क्षेत्रों के अनेक श्रद्धालु व श्रावक-श्राविकाएँ उपस्थित रहीं। पूज्य आचार्यदेवेशश्री ने इस अवसर पर सबको आशीर्वाद देते हुए कहा कि आप सब की मंगल कामनाओं से एवं प्रभु महावीर, दादा गुरुदेव, पुण्य-सम्राट एवं तप-सम्राट के शुभ आशीर्वाद से मैं सदा जिनशासन के अच्छे काम करता रहूं, यही मेरी भावना है । अवतरण दिवस के उपलक्ष में गुरुदेव को शुभकामनाएँ, मंगलकामनाएँ प्रदान करने एवं आशीर्वाद लेने नागदा जंक्शन मध्य प्रदेश, अहमदाबाद, दाहोद, धानसा, डीसा श्रीसंघ, जालोर, भीनमाल, सायला, पाँथेडी, मेंगलवा आदि अनेक नगरों से गुरुभक्त पधारे। सायं काल तक भक्तों का आवागमन निरन्तर जारी रहा। अंत में तीर्थ पेढ़ी की ओर से सबको प्रभावना वितरीत की गई।
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