– लोगों के विरोध के बाद अब अधिकारियों ने किया निरीक्षण
जालोर. वर्ष 2012 बना टोल रोड वाहन चालकों के लिए राहत कम आफत का काम ज्यादा कर रहा है। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मार्ग का निरीक्षण करते हुए इस मार्ग में अनेक कमिंया बताई। मामले में खास बात यह है कि मार्ग निर्माण के कुछ समय बाद से ही रास्ता कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया था और पिछले दो साल में तो बद से बदतर स्थिति बन चुकी थी, लेकिन अधिकारियों को ये कमियां नजर नहीं आई।
विरोध प्रबल होने लगा तो अब विभागीय अधिकारियों ने कमी मानतें हुए मार्ग को दुरुस्त करने के लिए निर्देश दिए है। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के एसई देवेंद्र कुमार और एक्सईएन शांतिलाल सुथार समेत टोल एजेंसी के प्रतिनिधि की टीम ने जालोर से रोहिट तक टोल रोड का निरीक्षण किया। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने बड़े स्तर पर कमियां मानते हुए टोल एजेंसी को इसमें आवश्यक सुधार के लिए निर्देश दिए हैं।
पहले स्तर पर टोल रोड पर जगह जगह हुए गड्ढों और कंकरीट बिखरने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और पेचवर्क करने के लिए निर्देशित किया। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि भाद्राजून, कुलथाना के आगे मार्ग बहुत ज्यादा खराब स्थिति में है और इसे जल्द से जल्द ठीक करने की जरुरत है। यह मार्ग पहले भी बहुत ज्यादा खराब हुआ था, जिसे ठीक करने के नाम पर केवल लीपापोती ही की गई थी। जिसका नतीजा यह रहा कि मार्ग अब पूरी तरह से इस क्षेत्र में बिखर चुका है।
बड़े स्तर पर खामिया
कई स्थान पर मार्ग पर पटरियां भी बिखरी हुई या क्षतिग्रस्त है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी होने की स्थिति बनती है। इसके अलावा कई स्थानों पर संकेतक नहीं है या जिनकी स्पष्टता समाप्त हो चुकी है।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि रोड की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। ऐसे में पहले स्तर पर रोड मरम्मत के साथ इस मार्ग के नवीनीकरण के लिए कमेटी की बैठक का आयोजन होगा। जिसमें टोल कंपनी का जिम्मेदार प्रतिनिधि भाग लेगा। इस बैठक में वर्क प्लान के बारे में एजेंसी से चर्चा की जाएगी। साथ ही उसे उस प्लान के अनुसार कार्य करने के लिए पाबंद किया जाएगा।





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