जयपुर. आयुर्वेद चिकित्सकों के समान ही प्रदेश में होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारियों को भी 36 माह का उच्च अध्ययन अवकाश मिल सकेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए राजस्थान सेवा नियम-1951 के नियम 112 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से आयुर्वेद, होम्योपैथिक तथा यूनानी चिकित्सा विभाग में स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए देय अवकाश अवधि में एकरूपता आएगी तथा होम्योपैथिक एवं यूनानी चिकित्सकों को 24 माह के स्थान पर 36 माह का उच्च अध्ययन अवकाश मिल सकेगा।




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