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जिले में बाहर से आये अचिंहित व्यक्तियों की सूचना देने पर मिलेगा ‘‘प्रशासन मित्र’’ प्रमाण पत्र …देखिए पूरी खबर

– कोरोना संक्रमण बचाव प्रबन्धन में जिला प्रशासन की अनूठी पहल
जालोर।

जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमण बचाव प्रबन्धन के अन्तर्गत अनूठी पहल की है। जिले में लाॅकडाउन की स्थिति में बाहर से आये या आने वाले अचिंहित व्यक्ति या परिवार जो चोरी छिपे या जानबूझकर स्वयं की पहचान को छिपाकर निवास कर रहे हैं ऐसे व्यक्तियों के बारे में सूचना देने एवं प्रशासन का सहयोग करने पर उस व्यक्ति को जिला प्रशासन द्वारा ‘‘प्रशासन मित्र’’ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष ने प्रेसवार्ता में मीडिया को दी।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण बचाव प्रबन्धन के तहत प्रतिदिन व्यवस्थाओं को ओर पुख्ता किया जा रहा है। जिले में बाहर से काफी संख्या में व्यक्ति एवं परिवार आये हैं। उनकी पहचान के लिए युद्ध स्तर पर निगरानी व्यवस्थायें पुख्ता की गई हैं। साथ ही होम आईसोलेट एवं क्वारेंटाईन के व्यापक स्तर पर प्रबन्ध भी किये गये हैं। भामाशाह भी इसमें जिला प्रशासन का प्रशंसनीय सहयोग कर रहे हैं। इन्ही व्यवस्थाओं को ओर पुख्ता करने के लिये जिला प्रशासन ने ‘‘प्रशासन मित्र’’ जैसी अनूठी पहल करेगा। उन्होंने उक्त व्यवस्थाओं में उपखंड एवं ग्रामीण स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों की कार्यप्रणाली प्रबन्धन की भी बार-बार प्रशंसा की। जिला कलक्टर ने कहा कि भविष्य में कोरोना संक्रमण का कोई भी संदेहास्पद मामला सामने आने पर प्रशासन ने उसका मुस्तैदी से सामना करने के लिए भी रणनीति तैयारी कर रखी है। ऐसी स्थिति मे जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण से संदेहास्पद प्रभावित क्षेत्रों को सील कर सकता है या कफ्र्यू या कफ्र्यू जैसी अन्य व्यवस्था लागू कर निपटेगा। उन्हांेने बताया कि संदेहास्पद या ऐसे व्यक्ति जिनमें खांसी, जुकाम, सर्दी जैसे सामान्य लक्षण भी मालूम पड़ते हैं, चिकित्सा विभाग उनकी बारीकी से स्वास्थ्य जांच करता है और सेम्पल जांच के लिए भेजता है। वृहद स्तर पर घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में कस्तूरबा बालिका विद्यालय भी क्वारेंटाईन के लिए चिंहित किये जा चुकेे हैं। इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियो को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही है और गरीब हैं उनमें स्ट्रीट वेंडर्स को भी शामिल किया गया है और उन्हें पर्याप्त संख्या में भोजन के पैकेट्स व खाद्य सामग्री सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। असहाय श्रमिकों की सहायता राशि में वृद्धि कर 2500 रूपये की गई है। राशन विक्रेताओं को किराणा सामान भी उचित मूल्य पर बेचने की छूट दी गई है। जिससे कि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिले में गेहूं, दाल, मिर्च मसालें आदि खा़द्य सामग्री की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि आमजन को उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं मिल सकें, जरूरतमंद असहाय व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार भोजन के पैकेट्स व खाद्य सामग्री निःशुल्क मिले, इसके लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार को प्रभारी लगाया गया है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं, दाल, चावल आदि खाद्य वस्तुएं विक्रय के लिए चल वाहन संचालित किये गये हैं। प्रेस वार्ता में जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से इस संबंध में सुझाव भी लिये और उन्हें आवश्यकतानुसार अमल में लाने की बात भी कही।

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