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सायला में ये दो सगी बहिने करेगी संयम पथ अंगीकार, तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का होगा आयोजन …देखिए पूरी खबर

सायला

सायला निवासी दो सगी बहिनें मुमुक्षु सोनम एवं सिमरन सांसारिक जीवन को त्याग कर संयम पथ अंगीकार करने जा रही हैं। जानकारी के अनुसार मुमुक्षु सोनम व सिमरन पुत्री रमेशचंद गांधीमुथा निवासी सायला आगामी 3 मार्च बुधवार को आचार्य भगवंत श्रीमद विजय जयानंदसूरीश्वर महाराज के सान्निध्य में दीक्षा ग्रहण करेगी।

जिसको लेकर शुक्रवार को कोटवालों का वास में हाजी सरदार खां परिवार द्वारा मुमुक्षु सोनम व सिमरन का ढोल-ढमाकों के साथ स्वागत किया गया। साथ ही शाॅल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर मुमुक्षुओं का बहुमान किया गया। वहीं लोगो ने मुमुक्षुओं पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान दीक्षार्थी अमर रहे के जयकारों से माहौल गुंजायमान हो गया। इस मौके मुमुक्षु बहिनों ने जीवन में मोक्ष की प्राप्ति के लिए मोहमाया एवं सुख सुविधाओं को त्यागकर परमात्मा के चरणों में जीवन को समर्पित करने की बात कही।

साथ ही सांसारिक सुख को नश्वर बताते हुए मानव जीवन में सच्चे मन से प्रभु की आराधना करने का आह्वान किया। इस दौरान रमेश जैन, सुल्तान खान, मुन्नी देवी, नागेश जैन, शौकत खान, हजन जरीना बानू, फिरोज बानू, अमीना बानू, नजराना बानू, अनका बानू, दाऊद खान, शाहरुख खानए, जाकिर खान सहित मौहल्लेवासी मौजूद थे।

8 सााल पहले जागृत हुआ दीक्षा का भाव

मुमुक्षु सोनम व मुमुक्षु सिमरन पांच बहिने है। जिसमें दो बडी बहिनों की शादी हो चुकी है। वही एक छोटी बहिन जीनल अध्ययन कर रही है। मुमुक्षु सोनम बीए प्रथम वर्ष एवं सिमरन 12वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त कर चुकी है। मुमुक्षु बहिनों ने बताया कि 8 साल पहले गुरू भगवतों की प्रेरणा से दीक्षा के भाव जागृत हुए। जिस पर इसकी जानकारी माता-पिता को दी तो उन्होने भी सहर्ष दीक्षा ग्रहण करने की अनुमति दे दी। जिसके बाद दोनो बहिनों ने विभिन्न तप एवं आराधना की। साथ ही राजस्थान से मध्यप्रदेश तक करीबन पांच सौ किलोमीटर पैदल विहार भी कर चुकी है।

तीन दिवसीय कार्यक्रम का होगा आयोजन

दीक्षा महोत्सव के निमित सायला में तीन दिवसीय भक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत 1 मार्च सोमवार को गुरू भगवंतो का नगर प्रवेश, मुमुक्षु के कपडे रंगने, छाब भरना, मेहंदी, सांजी एवं प्रभु भक्ति का आयोजन होगा। द्वितीय दिन 2 मार्च मंगलवार को अभिषेक, वर्षीदान यात्रा, प्रीतिदान, अंतिम कवल एवं विदाई समारोह का आयोजन होगा। तीसरे दिन 3 मार्च बुधवार को मुमुक्षु की दीक्षाविधि संपन्न होगी। कार्यक्रम को लेकर सायला में जगह-जगह मुमुक्षुओं का स्वागत-सम्मान किया जा रहा है। वही दीक्षा महोत्सव को लेकर सायला गांव में आकर्षक सजावट की जा रही हैं।

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