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मुनाफाखोरी शुरू: आलू 40 तो प्याज मिल रहा 50 रूपये किग्रा

– मुनाफाखोर प्रशासन की सख्ती के बाद भी नही आ रहे बाज
– सब्जियां, आटा, शक्कर समेत आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी

मुकेश कुुमार वैष्णव
सायला/जालोर।
कोरोना संकट की स्थिति में जहां एक ओर बडी संख्या मे मानवता के सेवक भामाशाह एवं दानदाता आगे आकर असहायों एवं गरीबों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं तो दुसरी ओर कुछ स्वार्थी एवं लालचीप्रवृति के व्यापारी मौके का फायदा उठाकर अधिक मुनाफे के चक्कर मे ग्राहकों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। जो इस संकट की घडी में अपने भ्रष्ट चरित्र को उजागर कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार लाॅकडाउन के बाद कुछ खुदरा व्यापारियों ने आवश्यक खाने पीने के सामान की जमाखोरी एवं कालाबाजारी शुरू कर दी हैं। पांच दिन पहले आलू के दाम 20 रूपये किग्रा थे जो अब 30 से 40 रूपये प्रति किग्रा तक पहुॅच गया हैं तो टमाटर पहले 10 रूपये किग्रा से अब 30 रूपये प्रति किग्रा में बेचा जा रहा हैं। मौके का फायदा उठाकर हरी मिर्च भी 60-80 रूपये प्रति किग्रा पहुच गई हैं। जबकि प्याज पहले 30 रूपये से अब 50 से 60 रूपये प्रति किग्रा व फूल गोभी पहले 20 रूपये से अब 30 रूपये प्रति किग्रा के दाम से बेची रही है। किराणे की दुकानो मे आटे के भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इसी प्रकार कनक गेंहू पांच दिन पहले 22-26 रूपये प्रति किग्रा से अब 30 रूपये प्रति किग्रा व शक्कर 45 से 50 रूपये किग्रा के दाम से बेची जा रही है। वही फलांे के भी दुगुने दाम वसूले जा रहे हैं। वही संकट की इस घडी में संक्रमण के डर से अधिकारी फिल्ड मे नही आ रहे हैं तथा जनता को भगवान भरोसे छोड दिया हैं।
उपभोक्ताओं धैर्य रखे
शहर के बडे थोक विक्रेताओं का कहना हैं कि चीनी समेत सभी खाद्य पदार्थाे की खेप आपूर्ति चालू हैं। अभी वस्तुओं की कमी एवं किल्लत जैसे हालात नही हैं। लेकिन उपभोक्ताओं में भंडारण की होड से हालात विषम हो सकते हैं। कई लालची व्यापारी भी उपभोक्ताओं की इस होड का फायदा उठा सकते है। ऐसे मे लोग अपनी जरूरत के हिसाब से खरीददारी करे तो हालात पूरी तरह सामान्य रहेंगे।
दुकाने के आगे बनाएं डिस्टेंसिंग गोले
लाॅकडाउन से सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के प्रतिष्ठान्नों को अलग रखा हैं। वे अब प्रतिष्ठान्नों के बाहर जगह निश्चित करने लगे हैं। इनकी दूरी एक मीटर रख गोलाकार घेरे बनाए जा रहे हैं। वही मेडिकल स्टोर भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जा रहा हैं।
इनका कहना हैं –
मुझसे फल विक्रेता ने अंगुर के दुगुने और आलू के 50 रूपये प्रति किग्रा से दाम वसूल किए है। जो लाॅकडाउन मे ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। – प्रशान्त रावल, उपभोक्ता।
अगर कोई विक्रेता आवश्यक खाने पीने की सामग्री का अधिक दाम वसूल रहा है तो तहसील कंट्रोल रूम मे लिखित शिकायत कीजिए हम कार्रवाई करेंगे। – गोमती शर्मा, उपखण्ड अधिकारी सायला।

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