Important decision on toll road situation, inspection will be done
Jaipur Jalore Jodhpur Pali Politics RAJASTHAN Sirohi

#Jalore : रसूखदार टोल फर्म की मनमानी से वाहन चालक परेशान फिर भी जनप्रतिनिधि मौन

rajasthanaagaz.com / जालोर

जिले में बीओटी रोड शुरू हुए सालों गुजर गए, लेकिन सुविधाओं के नाम पर जनता से आज तक टोल वसूली के जरिए महज लूट की जा रही है। ऐसा नहीं है कि इन हालातों से जनप्रतिनिधि और प्रशासन वाकिफ नहीं है, बल्कि सब कुछ जानते हुए भी नेताओं और सरकारी नुमाइंदों ने खामोशी अख्तियार कर रखी है। तो दूसरी तरफ टोल रोड में निवेश करने वाले रसूखदार जनता के धन से अपनी जेब गर्म कर रहे हैं।

बारिश के मौसम में जार-जार हो रखी बीओटी रोड के हालात देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनता के लिए बीओटी रोड सुविधा के बजाए दुविधा बन गया है। रोहट-जालोर और जालोर-रेवदर बीओटी रोड जगह-जगह टूट गई है, लेकिन इसकी मरम्मत करने के लिए सम्बंधित फर्म जहमत तक नहीं उठा रही है।

बीओटी रोड निर्माता फर्म विभाग से मरम्मत के लिए समय मांगती है और उनकी लेट लतीफी भी हलके में ली जाती है, लेकिन ऐसा कोई समय नहीं आया जब फर्म ने क्षतिग्रस्त रोड को लेकर वाहन चालकों को टोल वसूली में छूट दी हो। आखिर सवाल यह उठता है कि जनप्रतिनिधि इस मामले में बोलते क्यों नहीं है।

काम्बा गांव में बदहाल रोड, जहां बारिश होते ही डेढ़ से दो फीट पानी जमा हो जाता है।

दोहरी मार झेल रही जनता

यातायात के लिहाज से रोहट-जालोर बीओटी रोड खास महत्व रखता है। करीब 45.92 करोड़ के लागत से निर्मित इस रोड पर 15 साल, 5 माह 25 दिन तक टोल टैक्स की वसूली की जानी है, लेकिन बीओटी रोड की गुणवत्ता किसी से छुपी हुई नहीं है। खासकर रोहट-जालोर बीओटी रोड के हालात काफी बदतर है। हाल यह है कि हर बार बारिश होते ही यह रोड जार-जार हो जाती है। हैरत तो तब है जब वाहन चालक इसके लिए दोहरी मार झेल रहे हैं। वाहन पंजीयन के समय बकायदा रोड टैक्स चुकाने के बावजूद इस तरह की रोड से गुजरने के लिए भी वाहन चालकों को टोल चुकाना पड़ रहा है। जबकि देश के कई राज्यों में लोकल टोल रोड से वाहन चालकों को पूरी तरह से राहत दे दी गई है। कहना गलत नहीं होगा कि वाहन चालक यहां दोहरी मार झेल रहे हैं।

स्थानीय लोग सबसे ज्यादा दुखी

टोल रोड बनने के बाद सबसे ज्यादा दुखी स्थानीय लोग है। एक तरफ सिरोही जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी स्थानीय लोगों को टोल में राहत दे रखी है, जबकि जालोर में लोगों को पांच से दस किलोमीटर का सफर करने के लिए भी टोल चुकाना पड़ता है। जो उनके पेट्रोल-डीजल के खर्च से भी महंगा पड़ता है। कायदों के मुताबिक ५० किलोमीटर के भीतर दूसरा टोल प्लाजा नहीं हो सकता, लेकिन सांकरणा और अजीतपुरा टोल प्लाजा में महज 25 किलोमीटर का फासला है। एक आरटीआई के जवाब में भी सार्वजनिक निर्माण विभाग ने खुद यह माना है कि एक रोड पर 50 किलोमीटर के दायरे में दो टोल प्लाजा नहीं हो सकते, लेकिन इसे विड़ंबना ही कहेंगे कि सालों से यह मनमानी चली आ रही है।

जनप्रतिनिधियों के मुंह पर ताले

टोल रोड की बदहाली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने खामोशी अख्तियार कर रखी है। कांग्रेस के नेता इसलिए मुहं नहीं खोल रहे क्योंकि चेतक मित्रा टोल वेयज में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उदयलाल आंजणा की हिस्सेदारी है। जबकि भाजपा के नेता भी इस मामले में अब तक असरकारक दबाव सरकार पर नहीं बना पाए हैं। लेकिन इन सबके बीच जनता भुगत रही है। हालांकि बीओटी रोड को लेकर गत दिनों जिला मुख्यालय पर व्यापारियों व वाहन चालकों ने धरना प्रदर्शन भी किया था, लेकिन अब तक इस मामले में कोई असरकारक कार्यवाही नहीं हो पाई है। तो दूसरी तरफ आंजणा के रसूख को देखते हुए टोल की मॉनिटरिंग करने वाले सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी भी बोलने से कतराते हैं।

टोल रोड पर डेढ़ फीट पानी, गाडिय़ां पड़ रही बंद

बीओटी रोड बारिश के बाद कई जगह खस्ताहाल है। यूं तो यह रोड जगह-जगह बिखर रही है, लेकिन सबसे ज्यादा विकट स्थिति कांबा गांव में है। यहां बारिश होते ही मुख्य मार्ग पर करीब सौ फीट रोड पर डेढ़ से दो फीट पानी का भराव हो जाता है। इतना ही नहीं यहां रोड पर हो रखे गड्ढों से हर रोज दर्जनों गाडिय़ां बंद पड़ जाती हैं। दुपहिया वाहन चालकों के लिए तो यहां सफर करना ही मुश्किल हो जाता है। जबकि यहां से हर रोज नेता और अफसर गुजरते हैं। बावजूद इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। इस तरह गोदन और लेटा गांव में भी पानी का भराव हो जाता है। हैरत तो तब है जब जिला मुख्यालय पर लेटा रेलवे क्रॉसिंग पर लम्बे समय से रोड टूटकर पूरी तरह बिखर चुकी है, लेकिन यह दूरुस्त नहीं हो पाई है। टोल फर्म की ओर से यहां कंक्रीट और मिट्टी डालकर इतिश्री की जा रही है, लेकिन इससे उड़ती धूल ने यहां से गुजरने वालों का जीना मुहाल कर रखा है। बारिश बंद होने के बावजूद फर्म की ओर से इसमें बरती जा रही लापरवाही से ऐसा लग रहा है जैसे उन्हें इस रोड की मरम्मत के लिए भी किसी खास मुहूर्त का इंतजार है। वहीं आहोर से रोहट तक कई जगह टूटे-फूटे स्पीड ब्रेकर और क्षतिग्रस्त रोड से वाहन चालक परेशान है। इधर, जालोर-रेवदर बीओटी रोड पर भी कई जगह गड्ढे हो रखे हैं। इसके अलावा इन रोड के दोनों तरफ बनी ग्रेवल पटरी भी जगह-जगह टूटने लगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *