Religious

नन्दोत्सव में झूमे श्रद्धालु, बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया

सायला।
निकटवर्ती केशवाना में श्री गुरु कृपा सेवा समिति की ओर से चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन सोमवार को नंदोत्सव मनाया गया।
जिसमे कथावाचक कृपाराम महाराज ने श्रीकृष्ण के जन्म एवं भगवान शंकर का कृष्ण दर्शन करने आने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान शिवजी ने मन मे कृष्ण के बालरूप दर्शन की अभिलाषा हुई तो एक सन्त के रुप मे उनके द्वार जा पहुचे थे। दोनों के एक दूसरे को देखने का दृश्य बहुत ही विहंगम था। वही बालकृष्ण के नटखट स्वरुप का बताते हुए उनके द्वारा माखन चोरी करना, पनघट पर गोपियों की मटकी फोडकर गोपियों को परेशान करने के प्रसंग सुनाया। कथावाचक संत ने वर्तमान समय में बच्चो के नामकरन एवं अच्छे संस्कार के बारे में बताया।उन्होंने अपने बच्चो को घर में पूजा पाठ के समय हमेशा साथ रखना चाहिए। जिससे उनमें भी आध्यात्मिक भावना जागृत हो सके। साथ ही उनको अच्छे संस्कार मिले सके। नंदोत्सव पर भक्तिगीतो पर झूमते हुए श्रोताओ से पांडाल का माहौल गोकुलमय हो गया द्य गुरू राजाराम महाराज ने अपने प्रवचन में वर्तमान में फैल रही कोरोना वायरस की बीमारी के बारे में बताते हुए लोगो को सावधान रहने के लिए एहतियात बरतने का आग्रह किया। वहीं कथा में उज्जैन से आए शीतलाईनाथ महाराज ने गुरु महिमा का महत्व बताते हुए कहा की व्यक्ति के जीवन मे गुरु कृपा होने से जीवन का उद्धार होता हैं। शैल बिहारी ने “गुरु अर्ज करू में थाने ” भजन कि प्रस्तुती दी। कथा के दौरान कृष्ण, जशोदा, गोपी एवं भगवान शंकर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। कथा में बाहर से पधारे अतिथियों एवं भामाशाहो का गुरु कृपा सेवा समिति द्वारा स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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