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छोटे से गांव विशाला के लाल का कमाल,ऑल इंडिया में 14 वी रैंक

-कोराना वायरस को लेकर बेलगांव में बैठे माता-पिता ने विडीयों कॉल करके दी बेटे को बधाई
-गोपालसिंह का ऑल इंडिया में 14वी रैक आने से गांव में खुषी की लहर
-अपना श्रेय माता-पिता ओर गुरूजनों को दिया
सोपाराम सुथार
मेगलवा.
विषाला गांव राजस्व गांव होने से मूलभूत सुविधाओ का टोटा रहा।वर्तमान सरकार ने विषाला को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया है।इस गांव में पानी,बस,चिकित्सा आदि सुविधाओ का टोटा होने के बावजूद भी इस गांव के लाल ने जो कर दिखाया है उस पर सभी को नाज है। कहते है प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नही होती,इस उक्ति को सही मायनो मे चरितार्थ करके दिखाया है गोपालसिहं पुत्र हरीसिंह ने।जिन्होने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस बैग्लुरू द्वारा आयोजित केवीपीवाई किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना की परीक्षा 3 नवम्बर 2019 को आयोजित हुई।तथा 23 मार्च 2020 को परीक्षा का परीणाम जारी किया गया जिसमें फाइनल रिजल्ट मे ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी मे 14 वी रैंक गोपालसिंह ने हासिल कर अपने परिवार,गुरूजनो व संपूर्ण जिले का नाम रोशन किया है।अभी इनकी आयु महज 16 वर्ष है लेकिन वे अनौखे कारनामे से सुर्खियो मे आ गये है।
कोराना वायरस को लेकर माता-पिता ने विडीयों कॉल करके दी बेटे को बधाई
गोपालसिंह के माता-पिता बेलगांव में व्यवसाय होने के कारण वो वही रहते है।उनका बेटा गोपालसिंह सीकर में पढाई कर रहा है।कोराना वायरस को लेकर गोपालसिंह अपने गांव आ गया।23 मार्च को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस बैग्लुरू द्वारा आयोजित केवीपीवाई किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना परीक्षा का परीणाम आने पर बेलगांव में बैठै माता-पिता ने विडीयो कॉल करके अपने लाडले गोपालसिंह को बधाई दी।
क्या है केवीपीवाई-
किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (के. वी. पी. वाई.) की शुरुआत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 1999 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रतिभावान एवं अभिप्रेरित विद्यार्थियों की खोज कर उन्हें मूलभूत विज्ञान में अनुसंधान में करियर बनाने लिए प्रोत्साहित करना है।यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अध्धयन में उनकी प्रतिभा को पहचानने में मदद करता है एवं देश की सर्वश्रेष्ठ योग्यता को शोध और विकास के लिए तैयार करता है। चयनित के. वी. पी. वाई. अध्येता को पूर्व-पीएचडी स्तरों तक छात्रवृति एवं आकस्मिक अनुदान प्रदान किया जाता है । इसके अतिरिक्त, के. वी. पी. वाई. अध्येताओं के लिए देश के प्रतिष्ठित शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों में ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन किया जाता है।विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जो भारत सरकार की एक मुख्य संस्था है, ने के. वी. पी. वाई. कार्यक्रम के आयोजन एवं कार्यान्वयन की सभी जिम्मेदारियाँ भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु को प्रदान की है। इस योजना के कार्यान्वयन की देख-रेख के लिए एक प्रबंधन समिति एवं एक राष्ट्रीय सलाहकार समिति स्थापित की गयी है । के. वी. पी. वाई. कार्यक्रम के दिन-प्रतिदिन एवं शैक्षणिक पहलुओं को एक मूल समिति संचालित करती है।
ये मिलता है लाभ-
चयनित केवीपीवाई अध्येताओं को प्री पीएचडी स्तर तक या 5 वर्ष तक उदार फैलोशिप और आकस्मिक अनुदान प्रदान किया जाता है जो भी पहले हो।इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित शोध और शिक्षण संस्थानों में केवीपीवाई फैलो के लिए समर कैंप आयोजित किए जाते हैं।सरकार की नोडल एजेंसी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर को केवीपीवाई कार्यक्रम के आयोजन और संचालन के लिए समग्र जिम्मेदारी सौंपी है और एक प्रबंधन समिति और एक राष्ट्रीय सलाहकार का गठन किया है।
इनका कहना
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस बैग्लुरू द्वारा आयोजित केवीपीवाई किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना परीक्षा के रिजल्ट मे ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी मे 14 वी रैंक मिली है जिसका श्रेय माता-पिता ओर गुरूजनो को देता हूॅ।उन्होने मुझे मार्ग दर्षन दिये।
-गोपालसिंह दहिया

गोपालसिंह ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस बैग्लुरू द्वारा आयोजित केवीपीवाई किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना परीक्षा दी थी जिसका रिजल्ट सोमवार को आने पर गोपालसिंह ने ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी मे 14 वी रैंक हासिल की है हमे खुषी है हमने गांव में बैठै बेटे को विडीयो कॉलीग कर बधाई दी।
हरीसिंह दहिया,पिता

फोटो 1 गोपालसिंह दहिया।